अखिलेश की पारिवारिक जंग में मदद कर रहे हैं ये विदेशी, साथ में 100 लोगों की टीम

guru
‘देश में नेता बनने के लिए क्या शैक्षिक योग्यता (क्वालीफिकेशन) होनी चाहिए’? जवाब है कोई योग्यता अनिवार्यता नहीं. राजनीति में शिक्षा का कोई मापदंड नहीं रखा गया, लेकिन आसान भाषा में समझे तो एक नेता में लोगों से जुड़ने और उनकी परेशानियों को समझने की क्षमता होनी चाहिए. बात करें भारतीय राजनीति की, तो ऐसे नेताओं की संख्या बेहद कम है, जो अपना प्रभाव जनता  पर छोड़ पाने में कामयाब होते हैं. उत्तरप्रदेश के सीएम अखिलेश यादव भी ऐसे ही नेता हैंं, जिनसे यूपी की जनता को काफी उम्मीदें है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यूपी में हो रहे विकास कार्यों के लिए अखिलेश की मदद कौन करता है? जवाब है हारवर्ड प्रोफेसर स्टीव जार्डिंग की सौ मेंबरों की टीम, जो लखनऊ में अखिलेश के लिए रणनीति बनाकर काम करती है.

कौन है स्टीव जार्डिंग
जार्डिंग हारवर्ड केनेडी स्कूल में पब्लिक पॉलिसी पढ़ाते हैं. वे दुनिया के अनेक नेताओं के सलाहकार रह चुके हैं. इनमें से एक हैं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद. जार्डिंग खुद पांच बार लखनऊ आ चुके हैं. एक बार वे फील्ड का अध्ययन करने के लिए अखिलेश के साथ एटा भी गए थे.
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से काम करती है 
शहरी जनता तक सुविधाएं आसानी से पहुंच जाती है, लेकिन असली चुनौती ग्रामीण क्षेत्रों की है. इस हारवर्ड प्रोफेसर की टीम ने यूपी के गांवों में फैले एक लाख से ज्यादा पोलिंग बूथों का लेखा-जोखा तैयार कर रखा है. इस लेखे-जोखे में मतदाताओं की जाति, धर्म और उपलब्ध सपा काडर जैसी सूचनाएं शामिल हैं. इस अध्ययन के आधार पर हर बूथ के लिए एक रणनीति बनाई गई है और रणनीति को अमल में लाने के लिए लाखों सपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंप दी गई है. हालांकि लक्ष्य कठिन है लेकिन प्रयास है कि जनवरी खत्म होते-होते 30 लाख कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी हो जाने की सम्भावना जताई जा रही है.
विदेश में रहकर भी अखिलेश और टीम के साथ जुड़े रहते हैं स्टीव जार्डिंग
अखिलेश आज के जमाने की जरूरतों को भी बखूबी समझते हैं. जार्डिंग की अगुवाई में काम कर रही टीम स्मार्ट फोनों से लैस है और हर वक्त स्टीव के संपर्क में रहती है. इन वर्करों काम है जनता को सपा सरकार की विकास योजनाओं के बारे में बताना. इन योजनाओं में समाजवादी पेंशन योजना, कामधेनु डेरी योजना, चुनाव बाद स्मार्ट फोन वितरण की बातें और राशनकार्ड व सिंचाई की कई योजनाएं शामिल है. सपा के इन ब्रांड एम्बेस्डर्स में कुछ को लॉ एण्ड आर्डर पर ध्यान रखने को कहा गया है, तो कुछ केंद्र की जनधन योजना का भी ख्याल रखते हैं.

पारिवारिक कलह से भी निपटना सिखाते हैं जार्डिंग 
समाजवादी पार्टी की घर की लड़ाई किसी से छुपी नहीं है. ऐसे में परिवार में उलझकर कोई भी व्यक्ति तनाव में अच्छा काम नहीं कर सकता. जार्डिंग अखिलेश को व्यक्तिगत रूप से परिवारवालों से डील करना सिखाते हैं. वो उन्हें बताते हैं कि ऐसी स्थिति में उन्हें सार्वजनिक मंचों पर किस तरह के बयान देने चाहिए. जिससे कि उनकी छवि खराब ना हो…